Gayatri Jayanti

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Gayatri Jayanti

देव संस्कृति विश्वविद्यालय दुर्ग छत्तीसगढ़ दिनाँक 10.06.2022 को गायत्री जयंती व गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाणदिवस पर विश्वविद्यालय परिवार के द्वारा लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु की भावना हेतु प्रातः बेला में ध्यान, जप साधना के साथ गायत्री यज्ञ संपन्न हुआ। 
मध्याह्न बेला में इसी पावन एवं दिव्य अवसर पर नवीन बालिका छात्रावास प्रवेश पूजन भी संपन्न हुआ। कार्यक्रमों को सफल बनाने में समस्त विभाग के विभागाध्यक्षों तथा विषयों के विशेषज्ञों की महान भूमिका रही।  
कार्यक्रम के अंत में देव संस्कृति विश्वविद्यालय दुर्ग के कुल सचिव वरुण गंजीर जी ने सभी को शुभ संदेश देते हुए बतलाया कि माँ गायत्री सद्बुद्धि की देवी हैं और आज मनुष्य को सद्बुद्धि की ही प्रधान आवश्यकता है। Advance Medical Science, Technology, HighTech Education etc. होने के बावजूद मनुष्य दिनों दिन बीमार, भ्रष्ट, अनैतिक अपराधी होता जा रहा है। सद्बुद्धि के अभाव में अपनी शक्तियों से खुद को नष्ट करने में लगा हुआ है। आज प्रधान आवश्यकता है उस सही ज्ञान, समझदारी, विवेकशील, दूरदर्शिता की जिससे हम अपने जीवन की समस्याओं का समाधान कर सकें। माँ गायत्री उसी विवेकशील दूरदर्शिता प्रज्ञा की देवी हैं ।आज का यह गायत्री जयंती का पर्व हमें संस्कारित करता है कि हम माँ गायत्री की उपासना द्वारा अपने जीवन में ज्ञान-प्रतिभा रूपी विवेक जागृत करें। कार्यक्रमों में कुलसचिव महोदय के साथ श्री दिलीप पाणिग्रही जी (ट्रस्टी), श्री दुर्गा राम यादव जी (ट्रस्टी), प्रांशु मौर्य जी, दिलेश्वरी साहू जी, प्रणय तिवारी जी, मोनिका तिवारी जी, आयपा जी, रजनी सहारे जी, भागवत शिवहरे जी, डोमेश्वरी साहू जी, रोहिणी साहू जी, प्रसिद्धि कैवर्त जी, आनन्द कुमार गुप्ता जी एवं अन्य परिजन शामिल हुए और कार्यक्रमों को सफल बनाया।